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क्या है ट्रायल और फुल वर्जन और क्रैक

कुछ समय पहले पूछा गया था इनके बारे में यहाँ पर मैं अपनी तरह से बताने का प्रयास कर रहा हूँ ।सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी या व्यक्ति अपने सॉफ्टवेयर को या तो कीमत लेकर उपयोग करने देते है या फिर मुफ्त रखते है ।जो सॉफ्टवेयर मुफ्त मिलते है उन्हें Freeware कहते है ये पूरी तरह पूरे उपयोग के लिए मुफ्त होते हैं ये कह सकते है की ये मुफ्त में मिलने वालें Full Version हैं ।दूसरी तरह के सॉफ्टवेयर वो होते हैं जिनके उपयोग के लिए आपको भुगतान करना होता है ऐसे सॉफ्टवेयर ज्यादातर व्यावसायिक कामो के लिए या विशेष जरूरतों के लिए बनवाये गए होते है ।तीसरी तरह के सॉफ्टवेयर Shareware होते हैं ये वो सॉफ्टवेयर होते हैं जिन्हें इनके निर्माता मुफ्त उपयोग करने की सुविधा देते है पर सीमित समय या सॉफ्टवेयर में सीमित सुविधाओ के साथ इन्हें ही Trail Version भी कहते है ।जब आप इनके खरीद लेते है और समय या सुविधाओ की सीमा हटा दी जाती है और आप इनका पूरा प्रयोग कर सकते है तो ये Full Version में बदल जाते है ।क्रैक (Crack) सॉफ्टवेयर में लगायें गए सीमित अवधि या सीमित सुविधाओ के प्रयोग को बिना सॉफ्टवेयर के किसी सॉफ्टवेयर की मदद से हटाना क्रैक या पैच (Patch) करना है ।जैसा की आप समझ ही गए होंगे की ये अवैधानिक है और पायरेसी है । पर फिर भी इसका प्रयोग बहुत ज्यादा होता है ।सीरियल (Serail)- ये वो चाबी है जिसके द्वारा सॉफ्टवेयर पर लगे सीमित प्रयोग के ताले को हटाया जाता है ये आप सॉफ्टवेयर निर्माता से खरीद भी सकते है या पायरेटेड सीरियल देनी वाली वेबसाइट से भी मिलती है पर ऐसा करना पायरेसी की श्रेणी में आता है जो जुर्म है ।इस लेख में सुधार की सम्भावना है और रहेगी ।

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